One response to “हरिद्वार की जनता को मिले कोई पुरस्कार”

  1. अड़्याट

    पुरस्कार तो उन पुलिस कर्मियों को भी मिलना चाहिये, जिन्होंने १० डिग्री तापमान की ठिठुरन से लेकर ४० डिग्री के झुलसते तापमान के साथ काम किया। १४ मार्च के दिन पुलिस तत्पर न रहती को बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता था। पुलिसकर्मी एम्बुलेंस का इंतजार न कर खुद ही लोगों को कन्धे पर डाले अस्पताल लेकर गये। बिना खाये-पिये दिन-रात मुस्तैदी से ड्यूटी बजाने वाले पुसिसकर्मियों को कम से कम एक इन्क्रीमेंट का लाभ दिया जाना चाहिये, जिससे उनका मनोबल बढे।

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